उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान (दुवासु), मथुरा के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग द्वारा प्रायोजित ‘मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना’ के अंतर्गत दिनांक 16 जनवरी से 18 जनवरी, 2026 तक आयोजित “मीठे पानी एवं अंतर्देशीय खारे जल में सतत मत्स्य पालन पद्धतियाँ एवं स्वास्थ्य प्रबंधन” विषय पर आधारित तीन दिवसीय आवासीय मत्स्य-पालक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ।
उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नित्यानंद पांडेय ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्र अंतर्देशीय खारे जल संसाधनों से अत्यंत समृद्ध है, जिनका समुचित उपयोग कर मछली एवं झींगा पालन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से मछली एवं झींगा पालन से होने वाली आय, लाभ तथा आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगरा एवं अलीगढ़ मंडल से आए 25 मत्स्य पालकों को नवीन तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे वैज्ञानिक मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बना सकें।
उद्घाटन समारोह में मत्स्य विभाग मथुरा की मत्स्य निरीक्षक श्रीमती सृष्टि शर्मा की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. परमवीर सिंह (सहायक आचार्य), प्रशिक्षण सह-समन्वयक सहायक आचार्य डॉ. मुक्ता सिंह, डॉ आर0 श्रीनु, डॉ. अम्बरीश सिंह एवं डॉ. साक्षी मौर्या भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. परमवीर सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया।